समय पर सवाल पूछने से 100 बेकार और अजीब सवालों से बचा जा सकता है। नामर्दी शारीरिक रोग है या दिमागी- यह एक ऐसा सवाल है कि जब पहली बार दिमाग में आए तो आपको तुरंत पूछ लेना चाहिए।
The Best All-Natural Supplement for Better Erections on Amazonइरेक्टाइल डिसफंक्शन (नामर्दी) (ED) या इरेक्शन को सेक्स करने के दौरान बरकरार ना रख पाने की असमर्थता एक बड़ी समस्या है। ईडी (ED) होने के कई कारण होते हैं इसलिए आपको यह रोग किस वजह से हुआ है इसकी वजह ढूंढनी आसान नहीं है। लिंग के इरेक्ट होने के लिए दिमाग, हॉर्मोन, इमोशन, नसों, मांसपेशियों और ब्लड वेसल्स का काम बड़ा पेचीदा होता है। इनमें से किसी में भी प्रोब्लम होने से ईडी हो सकता है। ईडी (ED)की फिजिकल वजहें बहुत हैं जिनमें हृदय रोग, ब्लड शुगर, कॉलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर, मूत्र वाली जगह पर सर्जरी या रीढ़ की हड्डी की तकलीफ और बॉडी का वज़न शामिल है।
The Best All-Natural Supplement for Better Erections on Amazonबहरहाल, फिज़िसिस्ट के मुताबिक ड्रग लेने की लत- चाहे स्मोकिंग हो या ड्रिंकिंग और नींद ना आना भी ईडी (ED)के लिए जिम्मेदार है। कई मामलों में सिर्फ दिमागी वजहों से ही ईडी (ED)होता है। वहीं, कई बार ईडी के लिए दोनों फिजिकल और मेंटल चीजें जिम्मेदार होती हैं। अगर इस वजह से आपको ईडी है तो ये पता भी बड़ी मुश्किल से चलता है। साथ ही इसके इलाज और ट्रीटमेंट में भी दिक्कतें आती हैं।
दिक्कत तब होती है जब शारीरिक कष्ट के कारण चिंता बढ़ती है और उसकी ही वजह से ईडी होता है। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की सबसे आम साइकोलॉजिकल वजहें पढ़ने के लिए नीचे स्क्रॉल करें।
The Best All-Natural Supplement for Better Erections on Amazon- आज की भाग-दौड़ भरी ज़िंदगी में स्ट्रेस होना स्वभाविक है। स्ट्रेस आपकी हेल्थ को एक तरह से नहीं बल्कि कई तरह से प्रभावित करता है.। ऑफिस में एक सिंपल सी प्रोजेक्ट मीटिंग की वजह से ही आपको स्ट्रेस हो सकता है जो सीधे आपकी सेक्सुअल परफॉर्मेंस पर असर डाल सकता है और आपको ईडी हो सकता है।
- इसके अलावा, रिलेशनशिप प्रोब्लम से स्ट्रेस, पार्टनर से झगड़े होना और बातचीत ना होना या अन्य किसी चीज को लेकर परेशान रहने से ईडी हो सकता है।
- हम जानते हैं कि हेल्दी माइंड हेल्दी बॉडी में रहता है लेकिन इसका उल्टा भी सच है। इसलिए शारीरिक कष्ट होने से साइकोलॉजिकल प्रोब्लम शुरू हो सकते हैं। चिंता उनमें से एक बीमारी है जो पल्स रेट और बीपी बढ़ाते हुए सीधे आपकी बॉडी की हेल्थ पर बुरा असर डालती है। इन सबका असर आपकी सेक्सुअल हेल्थ पर पड़ता है और उससे ईडी होने की आशंकाएं होती हैं। डिप्रेशन एक ऐसा राक्षस है जो मॉर्डन पुरुषों की जिंदगी तबाह कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स और मेंटल हेल्थ ऑर्गनाइजेशन अक्सर डिप्रेशन के शिकार लोगों की आत्महत्या के चौंकाने वाले आंकड़े छापते रहते हैं। समाज की बदनामी से बचने के लिए पुरुष अक्सर डिप्रेशन को लेकर इनकार करते रहते हैं। जब इसका इलाज नहीं करवाया जाता तो डिप्रेशन मनुष्य के दिमाग में कैमिकल असंतुलन तैयार करता है जिससे सेक्स करने की इच्छा और परफॉर्मेंस प्रभावित होती है।
- कहते हैं कि जिस चीज से हम डरते हैं उससे ज्यादा दिमाग में बसा डर हमें ज्यादा तेजी से मारता है। अगर कोई व्यक्ति एक या दो बार बेड में अपना शत-प्रतिशत नहीं दे पाता तो वह घबरा जाता है और उस डर की वजह से वह भविष्य में भी नहीं परफॉर्म नहीं कर पाता। यह डर दिमाग में एक दुष्चक्र बना लेता है और फिर ईडी हो जाता है।
- अपनी मेंटल हेल्थ को प्राथमिकता दें, मदद मागें। सेक्स की तरह साइकोलॉजिकल समस्याएं भी एक पाबंदी है जिसे खत्म होना चाहिए। डिप्रेशन, डर और चिंता अक्सर आपके दिमाग से छेड़छाड़ करते हैं और सेक्स करने की इच्छा को कम करते हैं। अगर आपको इरेक्टाइल डिस्फंक्शन है जो साइकोलॉजिकल वजह से है तो फौरन थेरेपिस्ट से मदद मांगें। मेंटल हेल्थ को अपनी प्राथमिकता बनाएं और सेक्स के लिहाज से हेल्दी और खुशहाल वैवाहिक जीवन बिताएं।