पुरुष अक्सर परफॉर्मेंस की चिंता में तब पड़ जाते हैं जब वे सोचने लगते हैं कि अपने पार्टनर को बेड में किस तरह से सैटिसफाई किया जाए- इस कोशिश में वे अपना यकीन खो देते हैं और प्रीमेच्योर इजेकुलेशन का शिकार होते हैं। बेड से बोर्ड रिजल्ट तक परफॉर्मेंस की चिंता ने गुप्त रूप से कई सारे पुरुषों की जिंदगी को खराब किया है। लगातार दौड़ने की परंपरा जो लड़कों के लिए स्कूल के दिनों से ही शुरू हो जाती है वह उन्हें एक पुरुष के तौर पर शादी के बेड पर भी नहीं छोड़ती। उसके लिए बाद में और खराब बात ये हो जाती है कि वह जज्बात भी जाहिर नहीं कर सकता क्योंकि इससे उसकी मर्दानगी पर सवाल खड़े होने लगते हैं।


परफॉर्म ना कर पाने का डर अक्सर इसे दबाने के जबरदस्त प्रयास के साथ जुड़ा होता है। जिसके चौंकाने वाले नतीजे देखने को मिलते हैं। प्रीमेच्योर इजेकुलेशन को कई मामलों में परफॉर्मेंस की चिंता को लेकर दिमाग में उपजे एक खराब नतीजे के तौर पर देखा जाता है। यह एक आम बीमारी है। अमेरिका में करीब 30 से 70 फीसदी पुरुषों को ये बीमारी होती है। 'द नेशनल हेल्थ एंड सोशल लाइफ सर्वे' (NHSLS) बताता है कि 30 फीसदी मामले तो बहुत गंभीर हैं जो हर उम्र के लोगों में हैं। (इसके उलट इरेक्टाइल डिस्फंक्शन उम्र के बढ़ने वालों में होता है)। यूरोपीय देशों और भारत में शीघ्रपतन के असर का अनुमान संयुक्त राज्य अमेरिका के मामलों को लेकर लगाया जा सकता है। वैसे इसका असर एशिया के अन्य हिस्सों, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया में अब तक पता नहीं चला है। (Source - https://emedicine.medscape.com/)


प्रीमेच्योर इजेकुलेशन (शीघ्रपतन) एक बहुत कॉमन सेक्स रोग है। इस बीमारी के होने से पुरुष सेक्स करने की इच्छा के बगैर ही स्खलित (इजेकुलेट) हो जाता है। कहा जाता है कि शीघ्रपतन का सामना हस्तमैथुन (मैस्टरबेशन) के दौरान भी देखने को मिलता है। मौजूदा डेटा बताता है कि 3 में से 1 पुरुष ने अपनी जिंदगी में कभी ना कभी शीघ्रपतन जरूर झेला है। शुरू में इसे सिर्फ एक दिमागी रोग माना जाता था। लेकिन मॉडर्न रिसर्च में पाया गया है कि इसके होने के दोनों बायोलॉजिकल और साइकोलॉजिकल कारण हो सकते हैं। एरेटिक हार्मोन्स, विषम न्यूरोट्रांसमीटर स्तर, प्रोस्टेट या मूत्रमार्ग का इनफेक्शन या मूत्रमार्ग और जेनेटिक पैटर्न कॉमन बायोलॉजिकल वजहें हैं जिससे शीघ्रपतन होता है। साइकोलॉजिकल वजहों की बात करें तो उसमें इस बात को लेकर दिमाग में आशंका रखना है।


परफॉर्मेंस की चिंता के कई कारण होते हैं जैसे इस बात का अनुमान लगाना कि क्या आप अपने पार्टनर को सैटिसफाई कर पाएंगे। इसके अलावा इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, पार्टनर के सामने जाने से घबराना या पार्टनर का आपसे नफरत करना अन्य कारण हैं। परफॉर्मेंस की चिंता तब भी होने लगती है जब आप समय के पहले ही सेक्स करने में लग जाते हैं। इसके अलावा सेक्सुअल एब्यूज, डिप्रेशन के कारण गलत अंदाज में सेक्स करना भी इसके अन्य कारण हैं।


शीघ्रपतन कभी कभार होना नॉर्मल है लेकिन अगर आप पेनेट्रेशन के तुरंत बाद ही इजेकुलेट हो जाते हैं तो आपको चिंता करने की जरूरत है और आपको डॉक्टर को मिलना चाहिए। शीघ्रपतन बहुत कॉमन रोग है और इसे पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। मेडिटेशन भी इसके इलाज के लिए बहुत बढ़िया है। इसके अलावा साइकोलॉजिकल थेरेपी और फिजिकल मेथड अन्य बढ़िया तरीके हैं। डॉक्टर कि सलाह ना लेने से चीजें खराब हो सकती हैं इसकी वजह से दर्द, इरीटेशन और सेक्स ना करने की इच्छा में तेजी आ सकती है।


शीघ्रपतन आपकी निजी जिंदगी को कई तरह से प्रभावित कर सकता है। यह आपकी शादीशुदा जिंदगी में जहर घोल सकता है और आपके पार्टनर के साथ रिश्ते बहुत बुरे हो सकते हैं। यही नहीं, बल्कि यह आपकी फैमिली प्लानिंग को पूरी तरह से अस्थिर कर सकता है। इसीलिए, फिजिशियन कहते हैं कि अगर पार्टनर के साथ कोई भी विवाद हो तो उसे सुलझा लें इसे शीघ्रपतन हो ठीक करने के लिए सबसे सही माना गया है। ऐसे मामलों में डॉक्टर शीघ्र पतन के इस केस को सेक्स थेरेपिस्ट, मैरिज काउंसलर, साइकोलोजिस्ट या साइकेटिरिस्ट के लिए रेफर करते हैं। जानी मानी फ्रेंच क्यूबन राइटर एनिस निन कहती हैं- चिंता प्यार को सबसे तेजी से मारती है। इससे सीख जरूर लें।