ऐसे बढ़ाएं अपने शुक्राणुओं की संख्या

अपने घर पर किये गए या किसी क्लिनिक पर हुए आपके स्पर्म टेस्ट में कम गतिशीलता निकलना ज़्यादातर एक अच्छी खबर तो नहीं है, किंतु इसका यह अर्थ कतापी नहीं है कि आप अब पिता नहीं बन सकते। आपको जानकर खुशी होगी कि स्पर्म्स अर्थात शुक्राणुओं की गतिशीलता घटाने वाले जितने भी लक्षण हैं, उनमें से ज़्यादातर लक्षण प्रतिवर्ती हैं, अर्थात इन्हें उल्टा जा सकता है। आपके शरीर को ने शुक्राणुओं को बनाने में लगभग तीन महीनों का समय लग जाता है। अपने आहार विहार में उचित परिवर्तन करने से, आपके शरीर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, एवं चंद महीनों में ही आपके स्पर्म्स की गतिशीलता में सुधार आ सकता हैआपके शरीर में शुक्राणुओं की गतिशीलता बढ़ाने के उपाय निम्नलिखित हैं।



1. अच्छा आहार : यह तो हम सभी जानते हैं कि फल और सब्जियों का सेवं कारण हमारे हृदय के लिए लाभकारी होता है, किन्तु क्या आप जानते हैं कि यह आपके शुक्राणुओं के लिए भी लाभकारी होता है।इनमें मौजूद एन्टी ऑक्सीडेंट एवं लिनोलिनीक एसिड आपके स्पर्म्स के संख्या एवं गतिशीलता बढ़ा सकता है। माँस के सेवन से भी कई सकारात्मक प्रभाव देखे जा सकते हैं।

आपके शुक्राणुओं के लिए अंडा, पालक, केला, डार्क चॉकलेट, ऐस्पैरागस, अनार, ब्रोकली, लहसुन, गाजर, कद्दू आदि कुछ लाभकारी आहार हैं।


2. केमिकल और प्लास्टीक से दूर रहें।

स्पर्म्स की गतिशीलता में जो कमी देखने को मिल रही है, उसके मुख्य कारणो से हम आज भी अनभिज्ञ हैं। हालांकि कई विशेषग्यों का मानना है कि पेस्टिसाइड्स एवं अन्य टोक्सिन के सेवन से या फिर प्लास्टिक के बर्तनों में भोजन करने से इस प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं। ओर्गानिक पदार्थों का ही सेवन करें, एवं अपने भोजन को कांच या सेरेमिक बर्तनों में ही गर्म करें। इस प्रकार के कुछ परिवर्तन करने से आपके शुक्राणुओं में सुधार आ सकता है।

नॉनस्टिक केमिकल, गलिम्स, बी. पी. ए. , फ्लेम रिटारडेंट, पेस्टिसाइड्स, आदि के प्रयोग से पुरुषों में निःसन्तान्ता उत्पन्न हो सकती है।


3. अपने इलेक्ट्रॉनिक्स को अपने पैरों पर न रखें।।        माना कि उसे आप लैपटॉप कहते हैं, किन्तु उसे जेपन लैप पर रखने से आपके शुक्राणुओं की गतिशीलता कम हो सकती है। अपने मोबाइल फ़ोन को भी अपने पैंट की जेब में न रखें, जैसा कि ज़्यादातर पुरुष करते हैं। टिम फेरिस नामक लेखक ने अपनी किताब "द फोर आवर बॉडी" में एक टेस्ट किया। इस टेस्ट के तहत उन्होंने एक महीने तक अपने मोबाइल फोन को अपनी जेब में रखा एवं अपने शुक्राणुओं की संख्या आंकलन किया। इसके पश्चात उन्होंने एक सप्ताह तक अपने मोबाइल फ़ोन को अपनी पीछे की जेब में रखा एवं पुनः अपने शुक्राणुओं की संख्या का आंकलन किया।


4. आपके शुक्राणुओं को शरीर के सामान्य तापमान से लगभग 2 से 3 डिग्री काम तापमान की आवश्यकता होती है अपने निर्माण के लिए। इसी वजह से पुरुषों में स्क्रोटम उनके शरीर से नीचे की ओर लटका होता है। टाइट कपड़े पहनने से स्क्रोटम शरीर के पास लेजाता है, जिससे उसका तापमान बढ़ जाता है एवं शुक्राणुओं की संख्या में कमी आ जाती है। गर्म पानी से भरे टब में बैठ कर स्नान करने से भी आपके टेस्टिस को शुक्राणुओं का निर्माण करने में समस्या हो सकती है।




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