टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों में ED कहीं हार्ट की बीमारी का संकेत तो नहीं?

आपकी इरेक्टाइल से जुड़ी समस्या के साथ-साथ कोलेस्ट्रोल ज्यादा होना, हाइपरटेंशन होना या कुछ और हेल्थ रिस्क भी दिल की बीमारी के कारण बन सकते हैं। इसके होने की ज्यादा संभावना उन पुरुषों में होती है जिन्हें टाइप 2 डायबिटीज है। इटालियन शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक स्टडी के अनुसार, इरेक्टाइल डिसफंक्शन दिल की बीामारी का गुपचुप संकेत है, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के साथ और भी कई समस्याएं जुड़ जाती हैं जैसे – हाई ब्लडप्रेशर, हाई एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल), कम एचडीएल (अच्छ कोलेस्ट्रॉल) आदि।


स्टडी में 260 ऐसे पुरुषों ने भाग लिया जिन्हें डायबिटीज था, जिनकी उम्र लगभग 50 साल के करीब थी और जिन्हें इस बीमारी से कभी भी ज्यादा परेशानी नहीं हुई थी। शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि टाइप 2 डायबिटीज वाले पुरुषों में बाकियों के मुकाबले इरेक्टाइल डिस्फंक्शन करीब नौ गुना ज्यादा था। इसका अर्थ है कि इरेक्टाइल डिस्फंक्शन डायबिटीज रोगियों में दिल की बीमारी कि पहचान करने में मदद कर सकता है।

इससे पहले की गई स्टडीज में भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, दिल की बीमारी और डायबिटीज में संबंध पाया गया था, और इसका संभावित कारण यह था कि ये सब ब्लड वेसल्स से जुडी बीमारियां हैं। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन ज्यादातर उन लोगों को होता है जिन्हें टाइप 2 डायबिटीज है।


ऐसा मन जाता है कि टाइप 2 डायबिटीज के हर 2 में से 1 मरीज को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन ज़रूर होता है। साथ ही हमेशा ध्यान रखें कि डायबिटीज भी हार्ट की बीमारी का कारण बन जाती है। इसमें ब्लड वेसल के डैमेज होने पर कई बार खून का बहाव प्रभावित हो जाता है और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का कारण बन जाता है।

इसके अलावा जिन पुरुषों को टाइप 2 डायबिटीज नहीं है, फिर भी अगर वो इरेक्टाइल डिसफंक्शन का शिकार होते हैं, तो उनमें भी ये दिल की बीमारी का संकेत है। कई बार ये इम्पोटेंसी (नामर्दी) का संकेत भी हो सकता है। मिनेसोटा के सेंट पॉल हार्ट क्लिनिक के वैज्ञानिकों ने 'जर्नल ऑफ द अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी 'में छपी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की घटना डैमेज हो चुकी ब्लड वेसल्स के कारण होती है, जो आगे चलकर दिल की बीमारी और स्ट्रोक का कारण बन सकती है। यह भी नोट किया गया कि वे पुरुष जो भले ही स्वस्थ जीवन जीते हैं, लेकिन उन्हें इरेक्टाइल डिसफंक्शन था, उनकी आर्टरीज में भी समस्या थी। भले ही ये पुरुष स्वस्थ लग रहे थे, लेकिन उन्हें हृदय रोग के लक्षण थे।

यह निर्धारित करने के लिए अध्ययन चल रहा है कि डायबिटीज और ईडी का के आपसी संबंध का हृदय रोग के बारे में अनुमान लगाने के लिए कैसे किया जा सकता है?

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