पुरुषों में दिखें ये 7 लक्षण, तो समझ लें होने वाले हैं इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का शिकार

क्या आपकी सेक्स लाइफ बेहतर चल रही है? कई बार सबकुछ सही लगते हुए भी आप अचानक किसी समस्या का शिकार हो जाते हैं। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (स्तंभन दोष) भी ऐसी ही एक आम सेक्स समस्या है, जिसके शिकार 40% से ज्यादा पुरुष हैं। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन यानी सेक्स के समय लिंग में पर्याप्त उत्तेजना (खड़ापन) न आना। मिस्टर्स पर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के लक्षण, कारण, बचाव, इलाज और दवाओं के बारे में पहले ही बहुत सारे लेख छापे गए हैं। 

आज हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे लक्षण, जो इस का संकेत पहले ही दे सकते हैं कि आप इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का शिकार होने वाले हैं। इन लक्षणों पर अगर सही समय पर ध्यान दे दिया जाए, तो आप समस्या को बढ़ने से रोक सकते हैं।


लिंग में पहले की तरह खड़ापन न होना

आप भले ही अच्छी सेक्स लाइफ का आनंद ले रहे हों और अपने पार्टनर को संतुष्ट कर रहे हों, मगर यदि आपके लिंग के खड़े होने में किसी तरह की समस्या आने लगी है, जैसे- पहले की अपेक्षा खड़ा होने में ज्यादा समय लगना, सेक्स के दौरान जल्दी वीर्य निकल जाना या फिर एक ऑर्गेज्म के बाद दोबाना न खड़ा होना आदि, तो ये संकेत चिंताजनक हो सकते हैं। कभी-कभार ये समस्या तनाव या थकान के कारण भी हो सकती है, मगर यदि आप इसे अक्सर महसूस करने लगे हैं, तो आप जल्द ही इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के शिकार हो सकते हैं।


सेक्स के बारे में पहले से कम सोचना

सेक्स के बारे में सोचना कोई मनोवैज्ञानिक समस्या नहीं, बल्कि प्राकृतिक है। ये इस बात का संकेत है कि आपमें कामुकता बनी हुई है। डिप्रेशन की दवाएं जैसे- Prozac, Paxil, Effexa XR या Cymbalta आदि लेने पर संभव है कि हार्मोन्स में बदलावों के कारण आपकी कामुकता घट जाए। मगर यदि आप किसी दवा का सेवन नहीं कर रहे हैं और फिर भी आपको सेक्स के ख्याल कम आने लगे हैं, तो इसका अर्थ है कि आपके टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन में कमी होने लगी है। टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन ही आपके अंदर कामुकता जगाता है और आपके लिंग को खड़ा करता है। यह इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का शुरुआती संकेत हो सकता है।


सुबह उठने पर लिंग में तनाव न होना

सुबह उठने पर लिंग का खड़ा होना (मॉर्निंग वुड) आपके लिंग के स्वस्थ होने की निशानी है। ये इस बात का संकेत है कि आपके लिंग की रक्त वाहिकाओं में खून का प्रवाह सही बना हुआ है। इसलिए सुबह उठने पर अगर आपको आपका लिंग तना हुआ नहीं मिलता है, तो ये संकेत चिंताजनक हो सकता है। कभी-कभार ऐसा होना सामान्य है, मगर सप्ताह भर तक अगर आप उठने पर अपने लिंग को सुस्त पाते हैं, तो सावधान हो जाएं क्योंकि हो सकता है कुछ समय में आप इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का शिकार हो जाएं।


ब्लड प्रेशर या कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना

ब्लड प्रेशर या कोलेस्ट्रॉल की रीडिंग का पहले से अधिक बढ़ना भी सेक्स लाइफ के लिए सही नहीं है। कोलेस्ट्रॉल की रीडिंग 240 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर से ज्यादा होना और ब्लड प्रेशर की रीडिंग 130/80 मिलीमीटर ऑफ मर्करी से ज्यादा होना खतरनाक है। इन दोनों के ही बढ़ने पर लिंग में खून पहुंचाने वाली धमनियां डैमेज हो सकती हैं और सेक्स के दौरान आपके लिंग में पर्याप्त तनाव न आने की समस्या हो सकती है। यही नहीं, कई बार ब्लड प्रेशर कम करने की दवा के साइड इफेक्ट के कारण भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या हो जाती है।


मसूड़ों में सूजन और खून निकलना

मुंह की समस्याएं जैसे- मसूड़ों में सूजन और दर्द या ब्रश करते हुए मसूड़ों से खून निकलना भी आपकी सेक्स लाइफ के खराब होने का पहला संकेत हो सकता है। डरें नहीं, मसूड़ों का इंफेक्शन सीधे तौर पर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन से नहीं जुड़ा है। मगर ये इंफेक्शन इसलिए खतरनाक है क्योंकि मसूड़ों के इंफेक्शन के कारण इन्फ्लेशन (अंदरूनी सूजन) बढ़ता है, जिसका असर रक्त वाहिकाओं पर पड़ता है। इसके कारण ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हो सकता है और लिंग के खड़े होने में परेशानी आ सकती है।


नींद की समस्या

देर रात तक जागना, नींद न आना (अनिद्रा) और नींद से बार-बार उठना भी आपकी सेक्स लाइफ को प्रभावित कर सकता है। नींद की कमी से शरीर में टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन का स्तर कम होता है। इस हार्मोन के कम होने से तनाव और चिंता की समस्या बढ़ती है और कामुकता में कमी आती है। इसलिए पर्याप्त नींद नहीं ले पा रहे हैं, तो डॉक्टर से मिलकर इसका उपाय पूछें।


किडनी रोग होना

किडनी से जुड़ी बीमारियां भी आपको भविष्य में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का शिकार बना सकती हैं। दरअसल किडनियां हमारे शरीर में हार्मोन्स के रेगुलेशन, ब्लड सर्कुलेशन और एनर्जी लेवल को मेनटेन करने के लिए जिम्मेदार होती हैं। किडनी का रोग होने पर पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है और इसका असर लिंग पर भी पड़ता है। हालांकि ऐसे ज्यादातर मामलों में बीमारी के इलाज के बाद इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या ठीक हो जाती है।


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