नींद की कमी से इरेक्टाइल डिस्फंक्शन हो सकता है!

अच्छी नींद का हमारे स्वास्थ्य से गहरा सम्बंध होता है। नींद के दौरान हमारी बॉडी और दिमाग रिलेक्स करते हैं, रिचार्ज होते हैं। 

अमेरिकन हैल्थ जनरल  'स्लीप' की एक स्टडी के मुताबिक डेली लाइफ में गहरी नींद लेकर दिमाग की उम्र को सात साल तक बढ़ाया जा सकता है।अधूरी नींद न केवल हैल्थ को खराब करती बल्कि सेक्स लाइफ को बुरी तरह प्रभावित करती है। यह पाया गया है कि इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के ज्यादातर रोगीयों में अच्छे से नींद न आने की समस्या होती है।

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन से परेशान 120 लोगों पर किये गए एक शोध में 55% पुरूषों में अनिद्रा पाई गई।

जनरल ऑफ़ सेक्सुअल मेडिसिन की एक स्टडी रिपोर्ट में अनिद्रा के 69% रोगियों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन भी पाया गया।

कारण

अनिद्रा के रोगियों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन क्यों होता है, वैज्ञानिकों के सामने इस बात के कोई ठोस प्रमाण उपलब्ध नही हैं। लेकिन अनेक रिसर्च और स्टडी से इस बात की पुष्टि होती है।

अनिद्रा से पीड़ित व्यक्ति  नींद के दौरान सही से सांस नही ले पाते हैं, जिससे उनके शरीर मे आक्सीजन की कमी होने लगती है, साथ ही अनिद्रा के रोगियों में टेस्टोस्टेरोन नामक हार्मोन की मात्रा में भी कमी आने लगती है, स्वस्थ इरेक्शन के लिए इन दोनों की बहुत आवश्यकता होती है।

गहरी नींद न लेने से हार्ट डिसीज, हाई ब्लड प्रेशर, डाइबिटीज, मोटापा जैसी बीमारियां हो सकती हैं, इन के कारण भी हेल्थी इरेक्शन में रुकावट आती है।

अच्छी गहरी नींद, स्ट्रेस और थकान को भी दूर करती है, अनिद्रा से ग्रस्त व्यक्ति में तनाव और थकान लगातार बनी रहती है, जो कि इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को बढ़ावा देती है।अनिद्रा के कारण शरीर मे बनने वाले हार्मोन्स का संतुलन भी गड़बड़ा जाता है।

लक्षण

अनिद्रा के तीन मुख्य प्रकार होते है। ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया, सेंट्रल एपनिया ,कॉम्पलेक्स एपनिया  इन सभी के लक्षण लगभग समान हैं।

  • तेज खर्राटे की आवाज के साथ नींद आना।
  • नींद के बीच बीच मे खर्राटों की आवाज रुक जाना और साथ ही सांस भी कुछ रुकी फंसी सी लगना।
  • एक हल्के से झटके से पुनः पहले की तरह आवाज के साथ सांस चलने लगना।
  • सबेरे सिर दर्द होना और दिन भर आलस आना।
  • एकाग्रता में कमी और चिढ़चिढ़ापन |

उपचार

  • एक विशेष प्रकार की सर्जरी से गले के अंदर की ओर के टिश्यू अलग कर दिए जाते हैं, जिससे सोते समय साँस लेने में होने वाली रुकावट दूर हो जाती है, ऑक्सीजन सही मात्रा में अंदर जाने लगती है, और इरेक्शन में सुधार आता है।
  • एक खास तरह का मास्क का प्रयोग किया जाता है, जो कि कृत्रिम रूप से सही मात्रा और प्रेशर से हवा को अंदर भेजता है, इससे भी लाभ होता है।

यदि किसी कारण से टॉन्सिल्स बड़े हो गए हों तो उन्हें भी अलग कर देने से इरेक्शन सुधरता है।

यदि समस्या बहुत ज्यादा नही है तो जीवन शैली में सुधार करके भी इसे ठीक कर सकते हैं।

  • स्मोकिंग और अल्कोहल का इस्तेमाल बंद कर दें।
  • खानपान में कैफीन की मात्रा कम कर दें, ताज़ा सब्जियां, फल अपनी डाइट में शामिल करें फ़ास्ट फ़ूड कम करे मॉर्निंग में एक्सरसाइज और योग करने की आदत डालें, विशेष रूप से प्राणायाम करने से लाभ होता है, और टेस्टोस्टेरॉन स्तर में भी सुधार आता है।
  • सोने के लिए जाते समय हल्के गुनगुने पानी से स्नान करें।

अनिद्रा के कारण होने वाले इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की बड़ी वजह ऑक्सीजन और टेस्टोस्टेरॉन की कमी का हो जाना होता है। यदि आपको अनिद्रा और सेक्सुअल लाइफ में गड़बड़ी महसूस हो रही है, तो इसे हल्के में नही लेना चाहिए। डॉक्टर से सलाह अवश्य लें, उचित इलाज के द्वारा इस रोग को दूर किया जा सकता है।




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