क्या फॉलिक एसिड की कमी से भी हो सकता है इरेक्टाइल डिस्फंक्शन?

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (स्तंभन दोष), यानी सेक्स के दौरान लिंग में पर्याप्त खड़ापन न आना। आमतौर पर ये समस्या उम्रदराज लोगों की मानी जाती है, मगर आजकल युवा भी इससे परेशान हो रहे हैं। डायबिटीड, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा और तनाव आदि समस्याएं इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का प्रमुख कारण मानी जाती हैं। इनके अलावा शरीर में एक खास तत्व की कमी भी ईडी का कारण बन सकती है, वो है फॉलिक एसिड।


फॉलिक एसिड क्या है?

फॉलिक एसिड विटामिन बी फैमिली का एक बेहद जरूरी विटामिन है। इसे विटामिन B9 भी कहते हैं। हमारे शरीर में ये विटामिन नए सेल्स के निर्माण में और कैंसर से बचाव के लिए बेहद जरूरी है। फॉलिक एसिड की कमी पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का कारण बन सकती है। 

फॉलिक एसिड शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड को बढ़ाने में मदद करते हैं। ये नाइट्रिक ऑक्साइड (NO) नर्व्स टिशूज रिलीज करते हैं, जिससे लिंग को सही दिशा में खड़ा होने में मदद मिलती है। इसके बाद शरीर कई तरह के केमिकल्स रिलीज करता रहता है, जिसमें NO भी शामिल होता है, ताकि सेक्स के दौरान लिंग पूरे तनाव के साथ खड़ा रहे और पुरुष अच्छी तरह परफॉर्म कर सके।

लेकिन अगर शरीर पर्याप्त मात्रा में नाइट्रिक ऑक्साइड ही न बना पाए, तो व्यक्ति का लिंग ज्यादा देर तक खड़ा नहीं रह सकता है। लिंग के खड़े हुए बिना सेक्स का आनंद नहीं लिया जा सकता है। हालांकि वियाग्रा, जिसमें कि कई हर्ब्स, विटामिन्स और एमिनो एसिड्स शामिल होते हैं, इस समस्या को थोड़े समय के लिए रोक सकती है, लेकिन ये कोई परमानेंट समाधान नहीं है।


फॉलिक एसिड और लिंग का खड़ापन

जैसा कि बताया जा चुका है, फॉलिक एसिड की कमी खुद इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (ईडी) का कारण नहीं बनती है, मगर ये कई ऐसी समस्याएं पैदा कर देती है, जिसके कारण ईडी होता है। जब शरीर में फॉलिक एसिड कम हो या बिल्कुल न हो, तो पहली बात को व्यक्ति के शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड कम बनता है, दूसरी बात कि व्यक्ति हाइपरहोमोसिटीनीमिया (hyperhomocysteinemia) का शिकार हो जाता है। यही समस्या पुरुषों में ईडी का कारण बनती है।


फॉलिक एसिड विटामिन बी-9 का सिंथेटिक सप्लीमेंट है, जो शरीर में कई तरह के एनर्जी रिएक्शन्स के लिए जरूरी है। ये एसिड DNA और RNA को रिपेयर करने के लिए और मस्तिष्क के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। जिन पुरुषों में फॉलिक एसिड कम होता है, उनमें होमोसिस्टीन का लेवल बढ़ा हुआ पाया जाता है। इसके कारण हृदय के साथ-साथ दूसरी कार्डियोवस्कुलर बीमारियां हो सकती हैं।

इसके अलावा फॉलिक एसिड की कमी से पुरुषों की फर्टिलिटी भी प्रभावित होती है क्योंकि ये स्पर्म क्वालिटी के लिए भी जरूरी है। रिसर्च बताती है कि फॉलिक एसिड और जिंक के सेवन से पुरुषों की स्पर्म क्वालिटी 74% तक सुधर सकती है। हालांकि अगर किसी व्यक्ति के स्पर्म काउंट बहुत कम हों, तो उसे डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ऐसी स्थिति में सिर्फ फॉलिक एसिड से बात नहीं बन सकती है, दवाएं भी जरूरी हैं।

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को ठीक करने में विटामिन B3, विटामिन D, L-अर्जीनिन आदि भी फायदेमंद माने जाते हैं। विटामिन बी-3 कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए भी जाना जाता है।


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