गोक्षुर एक श्रेष्ठ कामोदीपक और वाजीकरण वनस्पति है। अपनी वात शामक प्रकृति के कारण यह वृष्य और  कामशक्ति वर्धक प्रभाव  रखता है, इसके नियमित प्रयोग से सेक्सुअल सेटिस्फेक्शन और सेक्स एक्सपीरियंस में बढ़ोतरी होती है।  कुछ खास तरह की सेक्स प्रॉब्लम में भी काफी सुधार आता है।

फर्टीलिटी बूस्टर

मेल फर्टिलिटी को बहतर करने में गोक्षुर की महत्वपूर्ण भूमिका है। रिसर्च से सामने आया है कि गोक्षुर का 30 दिनों तक सेवन करने से पुरुषों में सीमेन के इजेक्युलेट वॉल्यूम, स्पर्म काउंट और स्पर्म क्वालिटी में वृद्धि होती है। जो पुरुष कमजोर स्पर्म क्वालिटी के कारण पिता बनने में असमर्थ हैं, उन्हें नियमित गोक्षुर सेवन से अत्यंत लाभ मिलता है |

प्रयोग-

गोक्षुर के फल चूर्ण के साथ बराबर मात्रा में आंवला और गिलोय चूर्ण मिला कर 3 से 5 ग्राम सुबह शाम दूध के साथ लेने से बल, वीर्य में पर्याप्त वृद्धि होती है। गोक्षुर के साथ शतावरी और तालमखाना पॉवडर मिला कर सुबह शाम सेवन करने से वीर्य का पतलापन दूर हो जाता है।

गोक्षुर के रेगुलर सेवन से महिलाओं के शरीर के हार्मोन्स बैलेंस रहते हैं जिससे उनकी सेक्सुअल हैल्थ अच्छी रहती है। साथ ही अधिक उम्र की महिलाओं में मेनोपॉज के कारण आने वाली प्रॉब्लम भी गोक्षुर के इस्तेमाल से कम हो जाती हैं।महिलाओं में इसके उपयोग से उनकी माहवारी नियमित, और ओवम हैल्थी होता है, और गर्भाशय की मसल्स भी मजबूत बनती हैं, जिन महिलाओं में गर्भाशय की कमजोरी के कारण मिस्ड कैरेज हो जाता है, उन्हें भी लाभ होता है।जो कपल्स प्रेग्नेंसी के लिए प्रयास कर रहे हैं, उनमें भी गोक्षुर के उपयोग से सफलता मिलती है।

प्री मैच्योर इजेक्युलेशन

यह समस्या किसी भी रिलेशनशिप को तबाह कर सकती है, रिसर्च से स्पष्ट हुआ है कि लगातार 3 माह तक गोक्षुर युक्त सप्लीमेंट का सेवन करने से नर्वस सिस्टम मजबूत होता है और इससे इजेकुलेशन के समय में 30 सेकेण्ड की वृद्धि देखी गयी है।

प्रयोग

गोक्षुर, कौंच बीज, शतावर, तालमखाना, बला, नागबला इन सभी के पॉवडर को समभाग लेकर रात में दूध के साथ लेने से अत्यंत लाभदायक होता है।

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन

सेक्स के समय पेनिस में सही कड़ापन ना आना, पुरुषों के बीच मुख्य समस्या है | अनेक कारणों जैसे हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्राल आदि  से पेनिस की ब्लड सप्लाई में रुकावट आने लगती है , और  इरेक्शन में कमी आ जाती है |  गोक्षुर के  इस्तेमाल से ब्लड वेसल्स  की रुकावट दूर हो जाती हैं, पेनिस की ब्लड सप्लाई बढ़ जाने से हार्ड इरेक्शन पाने में मदद मिलती है |

लो सेक्सुअल डिज़ायर

सेक्सुअल एक्टिविटी किसी भी रिलेशनशिप का मजबूत आधार होती है। आजकल के वातावरण में अनेक कारणों से महिलाओं और पुरुषों में कामेक्षा की कमी पायी जाती है, जिसके कारण वे एक दूसरे पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाते और आगे चलकर संबंध टूट जाते हैं।

गोक्षुर का नियमित सेवन करने से लिबिडो में इम्प्रूवमेंट मिलता है। एक रिसर्च में कामेक्षा की कमी से पीड़ित महिलाओं और पुरुषों पर गोक्षुर के प्रभाव का अध्ययन किया गया।

पुरुषों में प्रतिदिन 750 से 1500 mg गोक्षुर का सेवन लगातार 2 माह तक कराने पर उनकी सेक्स डिज़ायर में 79 परसेंट की बढ़ोतरी पायी गयी |

साथ ही कामेक्षा की कमी से अत्यन्त प्रभावित 67 परसेंट महिलाओं में 90 दिनों तक इसके  सेवन से लाभ प्राप्त हुआ।

कुछ अन्य स्टडी से पता चलता है कि गोक्षुर के सेवन से महिलाओं में सेक्सुअल एराउसल और सन्तुष्टि प्राप्ति में भी सुधार होता है।

सेक्सुअल ट्रांसमिटिड डिजीज

सेक्सुअल रिलेशन के माध्यम से फैलने वाले कुछ रोग जैसे गोनोरिया के पेशेंट को गोक्षुर के सेवन से लाभ मिलता है, इसके लिए गोक्षुर के पंचांग का पॉवडर बना कर पानी के साथ सेवन करना चाहिए।

बहुत सारे युवक स्वप्नदोष की समस्या से ग्रसित होते हैं, इसमें नींद के समय ही सीमेन डिस्चार्ज हो जाता है|  इस कारण से धातु क्षीणता, कामेक्षा की कमी होने लगती है|  स्वप्नदोष से ग्रस्त व्यक्ति में गोक्षुर के प्रयोग से जल्द आराम मिलता है|  इसके लिए 20 ग्राम गोक्षुर पाउडर को २०० ml पानी में मिलाकर इसका काढ़ा बनाकर  छानकर ठंडा करके पीने से लाभ मिलता है |

कुछ पुरुषों में अत्यधिक हस्तमैथुन के कारण सप्तधातु  क्षीणता एवं क्षय रोग की संभावना हो जाती है |  ऐसी स्थिति में  गोक्षुर और अश्वगंधा चूर्ण समभाग मिला कर शहद के साथ सेवन करने से वीर्य की कमी पूरी होती है और शरीर बलवान  बनता है |

सामान्य रूप से पुरुषों में बढ़ती उम्र के कारण हार्मोन्स की कमी होने लगती है  जिससे उनकी सेक्स लाइफ भी नीरस होने लगती है | रिसर्च से सिद्ध हुआ है की गोक्षुर एण्ड्रोजन बूस्टर का काम करता है, अतः ऐसे पुरुषों में  गोक्षुर सप्लीमेंट के  सेवन से  हार्मोन्स का बैलेंस बना रहता है और उनकी सेक्स लाइफ आनंददायक बनी रहती है |

Medically reviewed by Rishabh Verma, RP

A Gokshura Plant
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