इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, जिसे बोलचाल की भाषा में लोग 'नामर्दी' भी कहते हैं, किसी भी पुरुष के लिए परेशानी और चिंता की बात होती है। बाजार में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (स्तंभन दोष) के लिए ढेरों दवाइयां, बाम, जेल और नुस्खे मौजूद हैं। इसी के साथ नामर्दी को ठीक करने वाली हर्बल दवाओं का भी एक बड़ा बाजार है। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन या ईडी (ED) को ठीक करने में ये हर्बल दवाएं कितनी फायदेमंद और प्रामाणिक हैं, इस लेख में इसी बारे में हम आपको विस्तार से बता रहे हैं।

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के इलाज के लिए आज के समय में सबसे मशहूर ड्रग वियाग्रा है, जिसकी खोज 1989 में की गई थी। इसे वंडर ड्रग के नाम से भी जाना जाता है। मगर सेक्स संबंधी समस्याओं की दवा खोजने का प्रयास बहुत पुराने समय से चल रहा था। वियाग्रा की खोज से पहले पुरुषों की सेक्स संबंधी समस्याओं को दूर करने और उनमें उत्तेजना और कामेच्छा बढ़ाने के लिए कई तरह की हर्बल टॉनिक, गैंडे के सींग से बनी खास दवाएं और चॉकलेट्स आदि का इस्तेमाल किया जाता था। पैनाक्स, जिनसेंग, माका, जिंको, मोनिडा व्हाइटी आदि ऐसे हर्ब्स हैं, जिनके प्रयोग को लोगों ने कुछ हद तक ईडी को ठीक करने में कारगर पाया।

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन कोई रोग नहीं बल्कि एक तरह का लक्षण है। ऐसे बहुत सारे हर्बल सप्लीटमेंट्स और हेल्थ फूड्स हैं, जो यौन शक्ति बढ़ाने में मददगार हैं। इन्हीं हर्ब्स (जड़ी-बूटियों) के इस्तेमाल से बनने वाली सैकड़ों हर्बल दवाएं बाजार में मौजूद हैं। लेकिन इनमें से ज्यादातर के इस्तेमाल और फायदों के बारे में कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है। इनमें बहुत से हर्ब्स वो हैं, जिन्हें लोगों ने अपने स्वंय के प्रयोग और समझ के आधार इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के लिए फायदेमंद मान लिया। इसलिए ऐसी दवाएं सभी के लिए कारगर साबित होंगी, ऐसा दावा नहीं किया जा सकता है।

किसी भी सप्लीमेंट का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लेना समझदारी है। इनमें से कई दवाएं शराब के साथ सेवन करने पर खतरनाक भी हो सकती हैं। इसलिए इन दवाओं की सही जानकारी और डोज के बारे में आपके डॉक्टर आपकी स्थिति के आधार पर ज्यादा बेहतर बता सकते हैं।

पैनेक्स और जिनसेंग को चीन और कोरिया में लंबी उम्र पाने और सेहतमंद रहने के लिए खोजा गया था। बहुत सारे लोगों ने जिनसेंग की जड़ का इस्तेमाल इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के लिए लेना शुरू किया, जिससे उनका स्टैमिना और एकाग्रता बढ़ी, तनाव कम हुआ और अन्य परेशानियां भी दूर हो गईं। कुछ क्लीनिकल शोध भी इस ओर इशारा करते हैं कि जिनसेंग के प्रयोग से लिंग का कड़ापन, मोटाई, कामेच्छा और इरेक्शन के समय को सुधारा जा सकता है। पी. जिनसेंग को प्रीमेच्योर इजैकुलेशन (समय से पहले स्खलन) को ठीक करने के लिए भी जाना जाता है।

माका एक प्रकार के सब्जी की जड़ है, जिसकी खोज पेरू में की गई थी। माका में एमिनो एसिड्स, आयोडीन, आयरन और मैग्नीशियम अच्छी मात्रा में होता है। माका कई अलग-अलग रंगों में भी पाए जाते हैं, जैसे- लाल, काले, पीले आदि। काले माका को दिमाग की क्षमताओं को बढ़ाने और स्ट्रेस कम करने के लिए जाना जाता है। आपको बता दें कि तनाव भी ईडी का एक बड़ा कारण है।

जानवरों की बात करें तो माका को चूहों की सेक्शुअल प्रदर्शन को बढ़ाने के सुबूत को मिले हैं, मगर ये इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को ठीक करने में भी मददगार है, इस बात को कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है। हालांकि, कुछ अध्ययन यह बताते हैं कि इन जड़ों के उपयोग से हार्मोनल स्तर बदलाव लाया जा सकता है, जिससे संभव है व्यक्ति की यौन क्षमता पर भी इसका सकारात्मक असर दिखे।