50 की उम्र के बाद पुरुषों को नहीं करना चाहिए इन फूड्स का सेवन

50 की उम्र आते-आते ज्यादातर लोगों को हार्ट की बीमारी, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं घेर लेती हैं। यही कारण है कि लोग बुढ़ापे को 'कष्टकारी' मानते हैं। मगर क्या आपने कभी सोचा है कि इन बीमारियों के पीछे असल वजह क्या है? हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि उम्र नहीं, बल्कि आपकी लाइफस्टाइल के कारण ये बीमारियां आपको घेरती हैं। शरीर पर सबसे ज्यादा असर खानपान का पड़ता है। दुनियाभर के डायटीशियन बताते हैं कि अगर आप अपने खाने में सैचुरेटेड और ट्रांस फैट, कोलेस्ट्रॉल, नमक और चीनी की मात्रा कम कर दें, तो आप 50 की उम्र के बाद भी स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे फूड्स, जिन्हें 50 की उम्र के बाद आपको बिल्कुल नहीं खाना चाहिए या कम मात्रा में खाना चाहिए।


सुबह के नाश्ते में मीठी चीजें न खाएं

सुबह के नाश्ते में आपको कम से कम मीठी चीजें खानी चाहिए, खासकर प्रॉसेस्ड फूड्स तो बिल्कुल नहीं खाना चाहिए। केक, पेस्ट्री, डोनट्स आदि टेस्टी तो लगते हैं, मगर इनमें कैलोरीज और चीनी की मात्रा काफी ज्यादा होती है, जबकि प्रोटीन और फाइबर न के बराबर होता है। आपके सुबह का नाश्ता हमेशा प्रोटीन से भरपूर होना चाहिए, ताकि आपकी मसल्स को पोषण मिल सके।

50 की उम्र के बाद मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं, इसलिए इन्हें मजबूत बनाए रखने के लिए और फाइबर टिशूज के निर्माण के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी है। फाइबर इसलिए जरूरी है ताकि आपके शरीर में शुगर धीरे-धीरे रिलीज हो और सुबह-सुबह ब्लड शुगर बढ़ न जाए। इसलिए आप नाश्ते में हेल्दी चीजें जैसे- ओट्स, अंडे, ताजे फल, दूध, उपमा, दलिया, मूंग का चीला, मल्टीग्रेन ब्रेड आदि खा सकते हैं।


रेड मीट्स से बनाएं दूरी

हर तरह का रेड मीट (लाल मांस) आपके दिल के लिए बुरा है, खासकर तब जब ये प्रॉसेस्ड हो। प्रॉसेस्ड मीट में सैचुरेटेड फैट और कैलोरीज बहुत ज्यादा होती हैं। इसके अलावा ये मीट आपका कोलेस्ट्रॉल भी तेजी से बढ़ाते हैं। इसलिए इनके सेवन से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है। शोध बताते हैं कि प्रॉसेस्ड मीट के सेवन से कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा भी बढ़ता है। अगर आपको मीट खाना पसंद है, तो आप सिर्फ चिकन खाएं और वो भी पका हुआ। बीफ और दूसरे मीट्स का सेवन भी न करें।


व्हाइट चॉकलेट्स हैं नुकसानदायक

डार्क चॉकलेट्स के सेवन के कई फायदे पाए गए हैं, जबकि व्हाइट चॉकलेट्स का सेवन बिल्कुल अनहेल्दी होता है। व्हाइट चॉकलेट्स आमतौर पर वेजिटेबल फैट और काफी मात्रा में चीनी को मिलाकर बनाए जाते हैं, इसलिए इनमें कैलोरीज बहुत ज्यादा होती हैं। 40 ग्राम के व्हाइट चॉकलेट बार से आपको लगभग 230 कैलोरीज मिलती हैं। इसमें 20 ग्राम शुगर और 16 ग्राम फैट होता है। ये आपके शरीर के लिए बहुत नुकसानदायक साबित होते हैं।

अगर आपको चॉकलेट्स पसंद हैं, तो आप डार्क चॉकलेट्स खा सकते हैं। डार्क चॉकलेट्स में कोकोआ होता है, जो एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्लैवोनॉइड्स का अच्छा स्रोत है। इसके सेवन से दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है और ब्लड प्रेशर, डायबिटीज आदि भी कंट्रोल रहते हैं। मगर ध्यान दें, डार्क चॉकलेट्स का सेवन भी सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। अधिक सेवन पर ये भी नुकसानदायक ही हैं।


प्रोटीन बार है बेकार

प्रोटीन बार- नाम सुनने में भले ही हेल्दी लगता है, मगर असल में ये चीनी और कैलोरीज से भरी होती हैं। कुछ नट्स डालकर इन्हें हेल्दी दिखाने की कोशिश की जाती है। हाई प्रोटीन के लिए आप इन बार्स की जगह नैचुरल चीजें खा सकते है्ं, जैसे- पनीर, टोफू, दाल, सोयाबीन्स, अंडे, नट्स, किशमिश, सनफ्लावर सीड्स आदि। अगर कभी प्रोटीन बार खाने का ही मन करे, तो आप लो-शुगर ऑप्शन देख सकते हैं।


चीज़ के सेवन में बरतें सावधानी

पिज्जा, सैंडविच और बर्गर को टेस्टी और यमी बनाने के लिए जिस पीले या ऑरेंज कलर के चीज़ का प्रयोग किया जाता है, वो भी अनहेल्दी होता है। रियल चीज़ का रंग ऑरेंज नहीं, बल्कि लाइट यलो या सफेद होता है। ऑरेंज चीज़ को गाउडा (Gouda) या चेडर (Cheddar) चीज़ कहते हैं। इसे बनाने में ओरिजिनल चीज़ के अलावा स्टार्च, मिल्क फैट, नमक, ऑयल, प्रिजर्वेटिव्स और इमल्सीफायर्स का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें फैट और नमक की मात्रा ज्यादा होती है। इसलिए इनका सेवन करना भी नुकसानदायक होता है। 

मार्केट में चीज़ खरीदते समय आप इसके पैकेट के पीछे न्यूट्रीशनल वैल्यू और इंग्रीडिएंट्स जरूर जांच लें। रियल चीज़ कैल्शियम और मिनरल्स का अच्छा स्रोत होता है और हड्डियों के लिए काफी फायदेमंद होता है। सबसे हेल्दी बकरी के दूध से बना चीज़ (Goat Cheese) माना जाता है। मगर एक दिन में 50-60 ग्राम से ज्यादा चीज़ न खाएं।


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