गंजेपन से जुड़ी 5 मिथ्या

गंजापन, एक ऐसी समस्या है जिससे वर्तमान समय में कई पुरुष एवं महिलाएं पीड़ित हैं। हमारे वातावरण में बढ़ते प्रदूषण,मिलावटी खानपान, हानिकारक केमिकल से बने अनेक कॉस्टमेटिक, गंजेपन के कारण माने जाते हैं। किन्तु के बार गंजापन अनुवांशिक भी हो सकता है। ऐसा देखा गया है कि अपने केशों का खास खयाल रखने के बाद भी कई पुरुषों को गंजेपन की समस्या हो जाती है। इसका कारण उनके "जीन" में छुपा होता है। इसका उपचार खोजने के लिए कई वैज्ञानिक प्रयासरत हैं।


हमारे समाज में गंजेपन से जुड़ी कई मिथ्याएँ प्रचलित हैं। आइये कुछ मुख्य मिथ्याओं का खंडन करें एवं इनके पीछे के तथ्य जानें।

1 मिथ्या : गंजापन सिर्फ बुज़ुर्ग पुरुषों में पाया जाता है। तथ्य : पुरुषों की हेयरलाइन उनकी किशोर अवस्था के प्रारंभ में घटना शुरू हो जाती है। हेयरलाइन प्रत्येक पुरुष में अलग रूप से घटती है। जिनकी हेयरलाइन ज़्यादा तेज़ी से घटती है, वे जल्दी गंजे हो जाते हैं।

2 मिथ्या : पुरुषों को गंजापन अपनी माँ के परिवार से विरासत में मिलता है। कहा जाता है कि यदि आप जानना चाहते हैं कि आपके बाल किस उम्र में झड़ेंगे या आप कब गंजे होंगे, तो अपनी माँ के पिता को देख लें। तथ्य : वर्ष 2005 में गंजेपन से जुड़ी एक जीन की खोज हुई थी जो एक्स क्रोमोजोम पर उपस्थित होती है एवं पुरुषों को उनकी माँ की तरफ से मिलती है। किन्तु वर्ष 2008 में एक शोध के तहत एक अन्य जीन की खोज हुई जो गंजेपन की कारक थी। इस जीन की खोज के पश्चात यह माना गया कि पुरुषों को गंजापन माता पिता दोनों की ही तरफ से मिल सकता है।

3 मिथ्या : जैल एवं हेयरस्प्रे के अति उपयोग से गंजापन होता है। तथ्य : इस मिथ्या के पीछे का सत्य जानने के लिए कई शोध किए गए, जिसके पश्चात यह माना गया कि जैल एवं हेयरस्प्रे के उपयोग से गंजापन नहीं होता। कई लोगों का यह भी मानना है कि सूर्य की किरणों में ज़्यादा रहने से गंजापन होता है, जो की एक मिथ्या है।

4 मिथ्या : चमड़े के बिस्तर पर सोने से गंजेपन की समस्या होती है। तथ्य : चमड़े के बिस्तर पर सोने को निषेध कहा गया है क्योंकि इससे कई प्रकार के त्वचा संबंधी कैंसर हो जाते हैं। किंतु चमड़े के बिस्तर पर सोने से गंजापन नहीं होता है।

5 मिथ्या : शैम्पू के अति उपयोग से गंजापन होता है। तथ्य : कई बार अपने केशों को धोते समय हम देखते हैं कि हमारे हाथों में बालों का गुच्छा आ जाता है। यह देख कर मान लिया जाता है कि सिर को बार बार धोने से एवं शैम्पू के अधिक प्रयोग से गंजापन होता है। अपने सिर को समय समय पर न धोने से अनेक प्रकार के चर्म रोग हो सकते हैं एवं बाल गंदगी से दूषित हो टूटने लगते हैं।



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