कौंच बीज एक उत्कृष्ट रसायन, वाजीकरण गुण वाली वनस्पति है। आयुर्वेद में इसका उपयोग एक पुरुषत्व वृद्धि करने वाली और प्रभावशाली कामोदीपक औषधि के रूप में होता रहा है। इसे अपनी लाइफ में शामिल करने से यह आपकी सेक्स लाइफ को और अधिक आनंददायक और हैल्थी बनाता है।

इसके साथ साथ कौंच बीज का उपयोग कई तरह के सेक्सुअल डिसऑर्डर की चिकित्सा में भी सफलतापूर्वक किया जाता है।

टेस्टोस्टेरॉन की कमी दूर करता है।

कौंच बीज पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन के स्तर को बढ़ाने में सहायक होता है। इसमे पाया जाने वाला लीवो डोपा नामक रसायन मस्तिष्क में स्थित पिट्यूटरी ग्रंथी को उत्तेजित करता है, जिससे फॉलिकिल स्टिम्युलेटिंग हार्मोन का स्तर बढ़ता है और यह हार्मोन टेस्टिकल्स में टेस्टोस्टेरॉन के उत्पादन को बढ़ा देता है|  इस हार्मोन का अच्छा स्तर होने से पुरुषों में भरपूर  जोश रहता है, और बेडरूम  लाइफ खुशियों से भर जाती है |

स्पर्म हैल्थ

लो स्पर्म काउंट और लो स्पर्म मोटालिटी की समस्याओं का सामना कर रहे पुरुषों के लिए केवांच एक वरदान की तरह है। इसके सेवन से अल्प समय मे ही स्पर्म सम्बंधित सभी तरह की कमियां दूर होकर पर्याप्त मात्रा में और स्वस्थ शुक्राणुओं का बनना प्रारंभ हो जाता है|

इन्फर्टिलिटी की समस्या का सामना कर रहे 75 पुरुषों पर कौंच बीज के प्रभाव को लेकर एक रिसर्च की गयी। इन सभी मे टेस्टोस्टेरोन, डोपामिन, एड्रीनलीन, नॉर एड्रीनलीन के स्तर सामान्य से कम थे और सीमेन में स्पर्म काउंट, मोटालिटी भी कम पायी गयी।

इन सभी में कौंच बीज के नियमित प्रयोग से स्पर्म काउंट और मोटालिटी में बढ़ोतरी हुयी, साथ ही हार्मोन्स के स्तर में भी सुधार आया।

लॉस ऑफ लिबिडो

कौंच बीज एक शक्तिशाली कामोदीपक औषधि के रूप में पूरे संसार मे उपयोग होता है। इसके सेवन से स्ट्रेस दूर होकर  स्त्री पुरुषों  दोनों में भरपूर कामेक्षा उत्पन्न होने लगती है, और सेक्सुअल डिज़ायर की कमी दूर होती है।

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन

पेनिस की ब्लड वेसल्स में रूकावट आ जाने और पौरुष हार्मोन्स की कमी के कारण यह स्थिति सामने आती है। कौंच बीज के सेवन से ब्लड वेसल्स क्लियर होती हैं, और एण्ड्रोजन हार्मोन्स का स्तर बढ़ता है। जिससे मजबूत और लांग लास्टिंग इरेक्शन मिलता है। कौंच बीज के समभाग गोक्षुर पॉवडर में मिश्री मिलाकर 5 से 8 ग्राम की मात्रा में सुबह शाम दूध से लेने से अशक्ति दूर होकर शरीर मे वीर्य की पुष्टि और नए बल का संचार होता है।

प्रीमैच्योर इजेकुलेशन

कौंच बीज के सेवन से नर्वस सिस्टम ताकतवर बनता है, साथ ही ब्रेन के न्यूरॉन की क्रियाशीलता भी सुधरती है। इससे जल्द स्खलित होने की प्रवृत्ति में सुधार आता है।

स्तम्भन क्षमता की वृद्धि के लिए कौंच बीज के साथ समभाग दालचीनी, मुलेठी, अश्वगंधा, जायफल, अकरकरा पॉवडर और मिश्री मिला कर, 5 ग्राम की मात्रा में सेक्स के दो घंटे पहले दूध के साथ सेवन करने से भरपूर स्तम्भन होता है।

फीमेल हैल्थ

कौंच बीज ना केवल पुरुषों के लिए बल्कि महिलाओं के लिए भी अत्यंत लाभदायक है। इसके सेवन से महिलाओं का मासिकधर्म नियमित होता है, साथ ही गर्भाशय और जनन मार्ग की मांसपेशियां हैल्थी बनती हैं। जो महिलाएं गर्भ धारण करने के लिए प्रयास रत हैं उन्हें भी लाभ मिलता है।योनि शैथिल्य की समस्या होने पर इसके क्वाथ से भीगा हुआ वस्त्र प्रयोग करने से शिथिलता दूर हो जाती है।

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Medically reviewed by Rishabh Verma, RP

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