स्तंभन दोष, पुरुषों को न सिर्फ शारीरिक तौर पर, किन्तु मानसिक तौर पर भी आहत करता हैं। कुछ पुरुष अपनी इस समस्या के बारे में चर्चा करना चाहते हैं। स्तंभन दोष का प्रेम संबंधो पर एवं उससे पीड़ित पुरुष के आत्मविश्वास पर गहरा प्रभाव हो सकता है। हालांकि, यह ज़रूरी नहीं है कि सेक्स करते समय समस्या होना स्तंभन दोष का ही लक्षण हो। यह किसी ओर समस्या की ओर भी संकेत कर सकता है।ज़्यादातर पुरुषों को जीवन में एक न एक बार इरेक्शन प्राप्त करने में समस्या होती ही है। किंतु एक बार के अनुभव को हम स्तंभन दोष का नाम नहीं दे सकते हैं। ऐसे में सवाल उठता है, कि स्तंभन दोष को आखिर कैसे पहचाना जाए?


स्तंभन दोष के लक्षण:


पुरुषों को उत्तेजित करने की प्रक्रिया कुछ हद तक जटिल होती है। इस प्रक्रिया में उनकी रक्तवाहिनियां, तंत्रिकाएं, मस्तिष्क, मांसपेशियाँ आदि मुख्य रूप से शामिल होते हैं। यदि इनमें से एक भी घटक अपना कार्य सुचारु रूप से न करे, तो यह किसी न किसी प्रकार के दोष को उत्पन्न कर सकता है।


याद रहे, आपके यौन जीवन के लिए जितना महत्वपूर्ण आपका शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना है, उतना  ही महत्वपूर्ण आपका मानसिक रूप से स्वस्थ एवं तनाव रहित रहना भी है। तनाव एवं अन्य मानसिक समस्याओं से स्तंभन दोष और भी बुरी स्थिति को प्राप्त हो सकता है। कई छोटी छोटी शारीरिक समस्याओं से पुरुषों में स्तंभन दोष आदि सेक्स समस्याएं हो सकती हैं, किंतु इनसे होने वाले तनाव से स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है। सेक्स संबंधित समस्याएं कई प्रकार की हो सकती हैं, आवश्यक नहीं कि ये सिर्फ स्तंभन दोष की ओर ही इशारा करें।


हालांकि, कुछ ऐसे लक्षण हैं, जिनकी उपस्थिति से हम स्तंभन दोष का अंदाज़ा लगा सकते हैं।जैसे:


- यौनेच्छा में कमी आना।


- पर्याप्त इरेक्शन प्राप्त न हो पाना।


- इरेक्शन को बनाए न रख पाना।


यदि आप अपने जीवन में निम्न स्थितियों से गुज़र रहे हैं, तो आपको स्तम्भन दोष होने का खतरा बढ़ सकता हैं:


- 40 वर्ष से अधिक आयु


- तनाव, बेचैनी, अवसाद आदि मानसिक समस्याओं से ग्रस्त हैं।


- हृदय रोग या मधुमेह आदि शारीरिक रोगों से पीड़ित हैं।


-  किसी भी रूप में तम्बाकू का सेवन करते हैं।


- शराब या किसी अन्य ड्रग का सेवन करते हैं।


- मोटापे से पीड़ित हैं।


- किसी प्रकार के रोग के उपचार के तहत रेडिएशन आदि से इलाज किया जा रहा हो, जैसे कैंसर।


- एंटीहिस्टामिन, एन्टीडिप्रेसेंट आदि दवाओं का सेवन।


स्तंभन दोष से बचने के उपाय:


- ज़्यादा तनाव न लें, अपने मस्तिष्क को स्वस्थ रखें।


- अपने चिकित्सक के साथ मिलकर हृदय रोग, मधुमेह आदि रोगों को नियंत्रण में रखें, एवं दवाएँ लेते रहें।


- रोज़ाना व्यायाम करें।


- धूम्रपान, शराब, ड्रग्स का सेवन कम कर दें।


स्तंभन दोष का उपचार:


हर पुरुष में स्तंभन दोष के भिन्न भिन्न कारण हो सकते हैं। इसलिए उनके उपचार भी पृथक होंगे। अपने चिकित्सक से परामर्श लेकर अपने रोग का सही कारण तलाशने की कोशिश करें एवं उसके अनुसार इलाज प्रारम्भ करें।


1. दिनचर्या में बदलाव: मोटापा घटाएं, रोज़ व्यायाम करें, धूम्रपान एवं शराब का सेवन कम करें और अपने अन्य रोगों की दवाएं नियमित रूप से लेते रहें।



2. यदि आप अवसाद, तनाव आदि मानसिक रोगों से पीड़ित हैं तो किसी मनोवैज्ञानिक से मदद ज़रूर लें।


3. अपने चिकित्सक से परामर्श लें। आवश्यकता के अनुसार वे आपको वायग्रा आदि दवाओं का सेवन करने का सुझाव दे सकते हैं।




स्तंभन दोष को कैसे पहचाने