मॉर्निंग वुड यानी सुबह उठने पर लिंग का खड़ा मिलना एक सामान्य बात है और लगभग सभी लड़कों में किशोरावस्था के बाद ये प्रक्रिया शुरू हो जाती है। जानकारी के अभाव में कुछ लड़के इसके कारण शर्मिंदा महसूस करते हैं जबकि ये उनके स्वस्थ होने की निशानी है। आमतौर पर मॉर्निंग वुड का कारण सुबह के समय शरीर में बढ़ने वाला टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन को माना जाता है। इसके अलावा भी कुछ अन्य वैज्ञानिक कारण हैं, जो सुबह-सुबह आपके 'छोटे नवाब' को सलामी देने के लिए मजबूर करते हैं। आइए आपको बताते हैं मॉर्निंग वुड या नॉक्ट्रल पेनाइल ट्यूमेसेंस (nocturnal penile tumescence) का वैज्ञानिक कारण।

मिस्टर्स क्विज लेकर अपनी सेक्स क्षमता जानिए |

सोते समय बढ़ता है टेस्टोस्टेरॉन का प्रोडक्शन

मॉर्निंग वुड पुरुषों के निद्रा चक्र (स्लीप साइकिल) का हिस्सा है। आमतौर पर सोते समय हमारी नींद 2 चक्र से गुजरती है; पहला जब हम सो रहे हैं मगर हमारे मस्तिष्क में विचार पनप रहे हैं, जैसे सपना देखना, और दूसरा जब हम गहरी नींद में होते हैं और विचारशून्य होते हैं। रात में सोते समय एक व्यक्ति 4 से 5 बार एक से दूसरी स्टेज में जाता है। ये प्रक्रियाएं खास न्यूरोट्रांसमीटर्स के द्वारा संदेश भेजने के कारण होती हैं। ऐसा ही एक न्यूरोट्रांसमीटर है, जिसे वैज्ञानिकों ने नोरपाइफ्राइन (norepinephrine) नाम दिया है। ये न्यूरोट्रांसमीटर लिंग के इरेक्शन को भी कंट्रोल करता है। जब आप गहरी नींद में होते हैं, तब ये न्यूरोट्रांसमीटर सिग्नल भेजना बंद कर देता है और आपका शरीर टेस्टोस्टेरॉन का प्रोडक्शन और इस्तेमाल बढ़ा देता है। यही कारण है कि जब आप गहरी नींद से सोकर उठते हैं, तो आपको आपका लिंग खड़ा मिलता है। आमतौर पर लिंग में ये खड़ापन 15-25 मिनट तक बना रहता है।

आपके हेल्दी होने की निशानी है मॉर्निंग वुड

मेडिकल रिसर्च बताती हैं कि एक स्वस्थ पुरुष में सोते समय इरेक्शन की प्रक्रिया 3 से 5 बार तक होती है। अगर किसी व्यक्ति को सुबह उठने के बाद लगातार कई दिनों तक लिंग में खड़ापन नहीं दिखता है, तो ये उसके लिए चिंता की बात हो सकती है। ऐसे व्यक्ति को एक बार डॉक्टर से मिलकर इस समस्या के बारे में बात करनी चाहिए। दरअसल मॉर्निंग इरेक्शन न होना कई बार कार्डियोवस्कुलर बीमारियों का शुरुआती संकेत होता है। आमतौर पर मॉर्निंग इरेक्शन तभी नहीं होता है, जब आपकी रक्त वाहिकाओं में पर्याप्त खून प्रवाहित नहीं हो पाता है।

ब्लैडर फुल होने की थ्योरी

मॉर्निंग वुड से जुड़ी एक दूसरी मेडिकल थ्योरी के अनुसार जब किसी व्यक्ति का ब्लैडर पूरी तरह भर जाता है, तो सुबह के समय उसका लिंग उसे खड़ा मिलता है। रात में सोते समय जब व्यक्ति के ब्लैडर में यूरिन इकट्ठा होता है, तो ब्लैडर का साइज बढ़ जाता है। इसके कारण स्पाइनल कॉर्ड का एक खास हिस्सा उत्तेजित होता है, जिसके रिफ्लेक्स एक्शन के तौर पर लिंग खड़ा हो जाता है। किशोरावस्था में जब लड़कों में सेक्स हार्मोन बनना शुरू होता है, तो कामुक बातों, चित्रों और विचार से उनके लिंग में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है। इसीलिए लिंग तुरंत खड़ा हो जाता है। कारण जो भी हो, कुल मिलाकर मॉर्निंग वुड आपके हेल्दी होने की निशानी है।

Medically reviewed by Rishabh Verma, RP

morning-wood