हस्तमैथून को लेकर चर्चाएं सदा होती रही हैं। कुछ लोगो ने इसे स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभदायक माना, वहीं कई लोगो ऐसे भी थे, जो इसे स्वास्थ्य की दृष्टि से हानिकारक मानते हैं। कई लोगों के बीच यह मिथ्या ज्ञान प्रचलित है कि हस्तमैथुन करने से स्तम्भन दोष की समस्या हो सकती है एवं वे अपने साथी को तृप्त करने में असमर्थ होते हैं।


हस्तमैथून से जुड़ी कई मिथ्याएँ हैं जो हमारे बीच प्रचलित हैं, एवं कई ऐसे तथ्य भी हैं जिनसे हम अनभिज्ञ हैं।


कई शोधकर्ताओं ने यह माना कि हस्तमैथून करने से पुरुषों के शरीर में सुडौलता आना मुश्किल होता है। इनका कारण यह बताया जाता है कि जब हस्तमैथून के समय पुरुष वीर्य का पतन करते हैं, उस समय उनके वीर्य के साथ टेस्टोस्टेरोन भी बाहर आ जाता है। टेस्टोस्टेरोन एक ऐसा हॉर्मोन है जो पुरुषों में मांसपेशियों के निर्माण के लिए ज़िम्मेदार है एवं उनके शरीर को सुडौल बनाने का कार्य करता है। वीर्य पतन के दौरान टेस्टोस्टेरोन निकल जाने से मांसपेशियों का निर्माण एवं उन्हें सुडौल बनाए रखने की प्रक्रिया रुक जाती है। इन विषय मे की गई चर्चा के तहत एक कमरे में कई बॉडी बिल्डरों को बैठा कर उनसे उनके विचार जानने की कोशिश की गई।उनमें से कई बॉडी बिल्डरों का यह मानना था कि टेस्टोस्टेरोन नामक यह एंड्रोजेनिक हॉर्मोन "मसल फ्रेंडली" होता है। यह हमारे शरीर मे मांसपेशियों के निर्माण के लिए अति आवश्यक होता है।


इस विषय पर कुछ शोधकर्ताओं ने कई शोध किये। उनके शोधों के अंतर्गत कुछ बॉडी बिल्डर्स ने एक सप्ताह के लिए हस्तमैथून नहीं किया।  ऐसा करने से उनके शरीर में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा बढ़ी किन्तु एक सप्ताह बाद सामान्य हो गई।कई खिलाड़ियों ने जब हस्तमैथुन को कुछ समय के लिए त्यागा, तब उनके शरीर में भी टेस्टोस्टेरोन की मात्रा बढ़ गई, हालांकि जब वे दोबारा अपने यौन जीवन की ओर लौटे तो उनकी खेल प्रस्तुति में कुछ खास अंतर नहीं देखा गया। एक अन्य वेबसाइट द्वारा किये गए शोध में यह बताया गया कि टेस्टोस्टेरोन पुरुषों एवं महिलाओं में यौनेच्छा जाग्रत करने का कार्य करता है। जब कोई व्यक्ति ऑर्गेज़म या चरम सुख की स्थिति में होता है, तब उनके शरीर मे टेस्टोस्टेरोन की मात्रा बढ़ जाती है एवं मैथुन क्रिया के संपन्न होने के पश्चात यह सामान्य स्तर पर पहुंच जाती है। हस्तमैथून या मैथुन के दौरान निकाले गए वीर्य से शरीर मे टेस्टोस्टेरोन की मात्रा में कुछ खास कमी नही आती।


इस वेबसाइट ने यह भी बताया की जब कुछ पुरुषों ने कुछ महीनों के लिए मैथुन क्रिया में भाग नहीं लिया तो उनके शरीर मे टेस्टोस्टेरोन की मात्रा काफी कम हो गई थी। हालांकि जब वे दोबारा अपने यौन जीवन की ओर लौटे, तब उनके शरीर मे टेस्टोस्टेरोन की मात्रा बढ़ कर सामान्य हो गई। कुछ विशेषग्यो का मानना यह भी था कि जब के पुरुषों ने लगभग 7 दिन तक हस्तमैथून नही किया, ऐसे में उनके शरीर में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा 150 प्रतिशत तक बढ़ गई।


सारे शोधों का निश्कर्ष यह है कि वीर्य पतन से टेस्टोस्टेरोन की मात्रा को हानि नही पहुँचती एवं हस्तमैथुन करने से मांसपेशियों के निर्माण का कुछ खास संबंध नही है।




क्या हस्तमैथुन से हो रही है सुडौल बदन को हानि