संभोग एक अत्यंत आनंद दायक क्रिया है। वेदों में भी इसे परम पुरुषार्थ की उपाधि मिली है। समय के साथ इसमें कई परिवर्तन आए हैं। अपनी पसंद और सुविधा के अनुसार एवं अपने साथी को तृप्त करने के उद्देश्य से मनुष्यों ने अपने-अपने तरीकों से इस चरम सुख को भोगा है।

कई व्यक्तियों, खासतौर पर महिलाओं से जब उनकी सेक्स लाइफ के विषय में चर्चा की गयी तो कई ऐसे पहलू उभर कर आए, जिनके विषय में जानकारी होने से भविष्य में किसी भी प्रकार की असहज स्थिति से बचा जा सकता है। कई महिलाओं ने अपने अनुभव बाँटते हुए बताया कि कुछ ऐसी हरकतें हैं, जिन्हें उनके साथी पुरुष संभोग के समय करते हैं, और इससे उनकी यौनेच्छा समाप्त होने लगती है।


कई पुरुषों का मानना है महिला के शरीर में मात्र क्लाइटोरिस का पता लगा लेने से वे अपनी साथी को चरम सुख दे सकते हैं। किंतु कई पुरुष क्लाइटोरिस को छूने एवं सहलाने के सही तरीके से आज भी अवगत नहीं हैं। कई महिलाओं की यह शिकायत रही है, की उनके साथी क्लाइटोरिस ढूंढ तो लेते हैं लेकिन उसे ठीक से सहला नहीं पाते, एवं ऐसा करते वक्त वे उसे सहलाने की जगह उसपर अपना हाथ घिसने लगते हैं। ऐसा करते वक़्त वे अपनी साथी महिला को केवल दर्द एवं पीड़ा दे रहे होते हैं, चरम सुख नहीं।


एक अन्य महिला ने इसी विषय पर रोशनी डालते हुए कहा, कि पोर्नोग्राफी को कभी भी सत्य न समझें। हर वह चीज़ जो आप इंटरनेट पर देखते हैं, आपके पार्टनर को पसंद आए ऐसा ज़रूरी नहीं है। कई बार इंटरनेट पर जो पोज़ीशन्स दिखाई जाती हैं, उन्हें अपने पार्टनर के साथ कर पाना संभव नहीं होता। और ऐसा करते वक़्त आपको निराशा हाथ लग सकती है। पोर्नोग्राफी में कई बार फोरप्ले नहीं दिखाया जाता एवं उसकी शुरुआत सीधे सेक्स से की जाती है। असल जीवन में ऐसा करने से आप अपने साथी के निराश कर सकते हैं। ऐसा करने से आपके रिश्ते से "स्पार्क" जा सकता है। एवं बिना फॉरप्ले के सीधे सेक्स से शुरुआत करने से आपके साथी को अधिक पीड़ा हो सकती है।


कुछ महिलाओं ने बताया कि जब वे थोड़ा अच्छा महसूस करने लगती हैं एवं अपने साथी को ऐसा ही करते रहने के लिए कहती हैं, तो वे अपनी गति बढ़ा लेते हैं, इससे महिलाएं जिस गति में आनंद प्राप्त कर रही थीं, वह वैसी न होकर, बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि जब वे "मोनिंग" करती हैं, तो इस प्रोत्साहन से उनके साथी पुरुष अपनी गति बढ़ा लेते हैं। समस्या यहाँ गति पहचानना नहीं है। आपके साथी एवं आपके बीच का वार्ता संबंध मजबूत होना चाहिए। जिससे दोनों एक दूसरे को कम शब्दों में यह समझा सकें, कि वे अपने साथी से क्या चाहते हैं। दोनों का यह समझना जरूरी है कि पार्टनर को किस चीज में आनंद आ रहा है, तभी वे इसे अपने साथी को संतुष्ट कर पाएंगे। उनका यह जानना भी ज़रूरी है, कि सेक्स का उद्देश्य हर बार दिन में तारे दिखाना नहीं होता। कई बार इसे सिर्फ तनाव दूर करने के उद्देश्य से भी किया जा सकता है।


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