सेक्स करते समय तो आपका ध्यान आमतौर पर अपने पार्टनर पर ही लगा रहता है, इसीलिए आप सेक्स को एंजॉय कर पाते हैं। मगर क्या आप सेक्स के बाद अपने बाय प्रोडक्ट यानी सीमने को ध्यान से देखते हैं? सेक्स के बाद अपने सीमेन (वीर्य) की जांच करना आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकता है क्योंकि ये आपके स्वास्थ्य के बारे में बहुत कुछ बताता है।  इसलिए जब अगली बार सेक्स एंजॉय कर चुके हों तो उसके बाद अपने सीमेन का कलर ज़रूर ध्यान से देखें। इससे आपको ये समझने में मदद मिलेगी कि आप कितने हेल्दी हैं और आपकी सेक्स लाइफ किस दिशा में जा रही है।


सीमेन का रंग और आपका स्वास्थ्य


सफेद

ज्यादातर सीमेन इसी रंग का होता है, इसलिए अगर सीमेन का रंग सफ़ेद है तो इसे हेल्दी ही माना जाता है। क्योंकि सीमेन लिक्विड है, यह कई खनिजों, हार्मोन्स और प्रोटीन्स से बना होता है, जो आपके सीमेन को सफेद रंग प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कुछ पदार्थ जो सीमेन के सफ़ेद रंग के लिए जिम्मेदार हैं, उनमें शामिल हैं:

•सिट्रिक एसिड

•सोडियम

•कैल्शियम

•एसिड फॉस्फेट्स

•पोटैशियम

•फिब्रिनोलाएसिन

ये सभी प्रोस्टेट ग्लैंड में बनते हैं और बॉडी एक्टिविटी में मदद करते हैं।


पीला या हरा सीमेन

आपका सीमेन यानी वीर्य और पेशाब (यूरिन) दोनों एक ही रास्ते से बाहर आते हैं, जिसे मूत्रमार्ग या यूरेथ्रा कहते हैं। कभी कभी सेक्स में सीमेन निकलते समय यूरिन से मिल जाता है और सीमेन का रंग पीला हो सकता है। हल्का पीला रंग किसी भी गलत चीज का संकेत नहीं है, पर अगर ये बहुत ज्यादा पीला है तो आपको डॉक्टर से मिलने की ज़रूरत है। ऐसे में हो सकता है कि आपको यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन हो। कभी-कभी ये एन्लार्ज प्रोस्टेट के कारण भी हो सकता है। इसलिए ध्यान देना ज़रूरी है।


पीलिया: शरीर में बिलीरुबिन की मात्रा बढ़ने से पीलिया हो सकता है। पीलिया में अक्सर आंखों और त्वचा पर पीलापन आ जाता है। यह आपके सीमेन को भी पीला कर सकता है; इसलिए यदि आपको पीलिया है, तो हो सकता है कि आपका सीमेन भी पीले रंग का हो। ऐसे में आपको डॉक्टर के पास जाने की ज़रूरत हो सकती है।


गुलाबी/लाल/भूरा/ऑरेंज

सीमेन ज्यादातर इस रंग का तब होता है जब आपके शरीर में किसी तरह की इंटरनल ब्लीडिंग हो रही हो। ऑरेंज या भूरा रंग अक्सर पुराने खून का संकेत होता है। ब्लड सीमेन अक्सर हेमेटोस्पर्मिया से जुड़ा होता है, जो प्रोस्टेट बायोप्सी, साथ ही हाई ब्लडप्रेशर, एसटीडी और प्रोस्टेट इन्फेक्शन के कारण हो सकता है। यदि आप बहुत ताकत लगाकर मास्टरबेट करते हैं या वाइल्ड सेक्स करते हैं, तो भी खून कई बार सीमेन में मिल जाता है।


काला

हेमटोस्पर्मिया स्पर्म को काला कर सकता है, जो फिर से पुराने ब्लड का संकेत है। काले रंग के सीमेन के कुछ सामान्य कारण इस प्रकार हैं, रीढ़ की हड्डी में चोट, शरीर में लेड, निकिल और मैंगनीज जैसी भारी धातुओं का बढ़ जाना आदि।

हल्का सफेद / ग्रे रंग का सीमेन भी स्वस्थ माना जाता है। इसके अलावा बाकी रोग रंग दिखे तो सावधान हो जाएं। यदि आपके सीमेन का रंग सामान्य से थोड़ा भी अलग है, तो सबसे पहली सलाह है कि जल्द से जल्द डॉक्टर के पास पहुंचें। चूँकि आपको खुद से ज्यादा कोई नहीं जानता हैं, इसलिए अपने लिए हमेशा सही फैसला लें।