पुरुषों को हेयर लॉस किस वजह से होता है?

विन डीज़ल, टाइरेसे, द रॉक और जेसन स्थेथम में एक बात कॉमन नज़र आती है। अगर आप फास्ट एंड फ्यूरिस फिल्म को याद करें तो आपको वो कॉमन बात थोड़ी-बहुत तो याद आ रही होगी, लेकिन अभी आप एक सबसे जबरदस्त बात को तो भूल ही गए। सोचो वो क्या है? ये सभी शानदार एक्टर्स इस फिल्म में 'हॉट बाल्ड डूड' के तौर पर नजर आए थे और बड़े कमाल दिख रहे थे। इसलिए, अगर आपके बाल पतले हो रहे हों और बाल झड़ रहे हों तो चिल करें। 


"बाल्ड मेक द मेन" यह एक नया ट्रेंड है। मजाक की बात और है, लेकिन पुरुषों में आज कल हेयर लॉस बहुत हो रहा है और हेयर लॉस के पीछे की वजहें जानना बहुत जरूरी हैं। महिलाओं के उलट, जिन्हें हेयर लॉस आयरन की कमी, थायरॉयड और पीसीओएस की वजह से होता है। पुरुषों को हेयर लॉस माता-पिता ही हिस्ट्री, उम्र के बढ़ने या हार्मोनल इश्यू की वजह से होता है। ये फैक्टर हेयर ग्रोथ साइकिल को रोक देते हैं और आखिरकार हेयर फॉलिकल को सिकोड़ देते हैं जिससे वे कमजोर हो जाते हैं और नए बाल नहीं उगा पाते। 


मेल पैटर्न बाल्डनेस, या उम्र के बढ़ने के साथ हार्मोन में बदलाव होने से होने वाला हेयर लॉस। यह पुरुषों में होने वाले हेयर लॉस की सबसे कॉमन वजह है। पैटर्न खोपड़ी से झड़ने वाले बालों की ओर इशारा करता है। हेयर लॉस 20 साल की उम्र से ही शुरू हो सकता है। इस तरह से 30 साल के होने तक सिर के एक तिहाई बाल झड़ सकते हैं। जिनके करीबी रिश्तेदार हेयर लॉस के शिकार रहे हैं उनके बाल झड़ने की आशंका सबसे ज्यादा रहती है। 


पुरुषों के गंजा होने का कारण कई जेनेटिक बदलाव हैं। लेकिन रिसर्च ने अब तक सिर्फ एंड्रोजन रिसेप्टर जीन को ही हेयर लॉस का कारण बताया है। बहरहाल, हाल ही में की गई मेडिकल स्टडी बताती है कि अगर पुरुष की खोपड़ी में prostaglandin D2 की मात्रा ज्यादा है तो उसे हेयर लॉस हो सकता है। 


बहरहाल ये कॉमन तो नहीं है लेकिन पुरुषों को हेयर लॉस न्युट्रिशन की कमी, हाई ब्लड प्रेशर या किसी दवाई के साइड इफेक्ट से भी हो सकता है। ऐसे मामलों में तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। कई पुरुषों के बाल झड़ते हैं लेकिन वे गंजे नहीं होते। साथ ही हेयर लॉस टेंपररी भी हो सकता है जैसे स्ट्रेस की वजह से। टेलोजन शेडिंग जो महिलाओं में कॉमन होती है। पुरुष पैटर्न हेयर लॉस में पुरुष इस बात से अनभिज्ञ होते हैं कि उन्हें हेयर लॉस हो रहा है लेकिन हेयर इस बीच पतले हो रहे होते हैं और वे धीरे-धीरे गंजे होने की ओर बढ़ रहे होते हैं।  


एक उम्र के बाद लड़के अपनी कनपटी के पास हेयर झड़ने का अहसास करते हैं। ये उम्र बढ़ने के साथ होता है जब हेयरलाइन लड़कों के पैटर्न से बदलकर एम-शेप यानी मेल लुक में बदल जाती है। यह रेगुलर ग्रोथ पैटर्न है जो हेयर लॉस का इशारा नहीं है।


यहां तक कि पुरुषों में हेयर लॉस उम्र बढ़ने का एक इशारा है, कई लोग इस बात से डिप्रेश हो जाते हैं। आज कई सारे इलाज जिसमें दवाइयां, लेज़र थेरेपी और हेयर ट्रांसप्लांट हेयर लॉस को ठीक करने के लिए मौजूद हैं। ऐसे में अगर Minoxidil और Propecia दवाओं का लंबे समय तक सेवन किया जाए तो हेयर लॉस को कम किया जा सकता है। वहीं, हेयर ट्रांसप्लांट महंगा है लेकिन सबसे ज्यादा बढ़िया है।

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